सिस्टम की लापरवाही ने छीनी दो जिंदगियां: सिंगोली में ऑक्सीजन के बिना तड़पकर मां- ओर बेटे की गई जान।
सिंगोली। सड़क हादसे के बाद समय पर प्राथमिक उपचार, लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस और ऑक्सीजन न मिलने के कारण सिंगोली के एक प्रतिष्ठित जैन परिवार के दो सदस्यों की दर्दनाक मौत ने पूरी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
सिंगोली निवासी मनीष जैन (पुत्र हरकचंद जैन) और उनकी माता श्रीमती लाड बाई की सड़क दुर्घटना के बाद उचित इलाज न मिलने से हुई मौत ने पूरे नगर को झकझोर कर रख दिया है। इस त्रासदी के बाद जैन (मोहिवाल) परिवार गहरे सदमे में है।
ससुराल पक्ष आया सामने
मृतक के साले प्रमोद जैन (कोटा निवासी) ने कहा – “अगर अस्पताल प्रशासन समय पर ऑक्सीजन सिलेंडर वाली एंबुलेंस और कंपाउंडर दे देता, तो जीजाजी और माता जी आज जिंदा होते। उन्होंने बीच रास्ते में सिर्फ ऑक्सीजन के अभाव में दम तोड़ा है। यह मौत नहीं, सिस्टम द्वारा की गई हत्या है।”

प्रमोद जैन ने बड़ा सवाल उठाया – जब नीमच जिला अस्पताल भी गंभीर मरीज को उदयपुर रेफर करता है, तो सिंगोली से सीधे पास के कोटा (राजस्थान) रेफर क्यों नहीं किया जाता? प्रशासनिक सीमाओं के कारण मरीज का गोल्डन आवर बर्बाद हो रहा है।
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष
अस्पताल प्रबंधन का कहना है – “मरीज को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया और रिकॉर्ड सुरक्षित है। उच्चतर संस्थान की जरूरत होने पर बिना देरी रेफर किया गया। हमारी तरफ से कोई लापरवाही नहीं हुई।”
जनता के सवाल
अगर रेफरल समय पर हुआ तो लाइफ सपोर्ट क्यों नहीं मिला? सिंगोली जैसे बड़े अस्पताल में आपातकालीन एंबुलेंस क्यों नहीं थी? परिजनों को निजी वाहन क्यों लेना पड़ा?
परिवार ने मानवाधिकार आयोग, कलेक्टर और CM हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है।
