रक्षाबंधन पर तिलस्वा महादेव घाट के पुल पर हादसा, जैन समाज के मां-बेटे की मौत से नगर में शोक।


/
सिंगोली:- रक्षाबंधन की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब बिजोलिया से राखी मनाकर लौट रहे मां-बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। यह हादसा कल शाम 6 से 7 बजे के बीच *तिलस्वा घाट से कास्या के बीच तिलस्वा रोड पर बनी पुल के पास* हुआ।मृतक *मनीष मोहिवाल (44 वर्ष)* व उनकी माता *लाड़ बाई (65 वर्ष)* मोटरसाइकिल से सिंगोली आ रहे थे। तभी पुल के पास यह दुर्घटना होने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, दोनों के सिर में गंभीर चोटें आईं।उसी दौरान बूंदी से रक्षाबंधन मनाकर लौट रहे सिंगोली के समाजसेवी *शुभम चतुर्वेदी एवं निक्कू बरदास* वहां से गुजरे। भीड़ देखकर उन्होंने गाड़ी रोककर स्थिति देखी और मानवता के नाते तुरंत दोनों घायलों को अपनी गाड़ी में रखकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिंगोली सूचना दी व अस्पताल पहुंचाया।सूचना मिलते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक *डॉ. हितेश व्यास* अपना रक्षाबंधन पर्व बीच में ही छोड़कर, दुर्घटना का केस आने से पूर्व ही अस्पताल पहुंच गए। मां-बेटे के आते ही उन्होंने तुरंत प्राथमिक उपचार किया, लेकिन सिर की चोटों की गंभीरता को देखते हुए तुरंत दोनों को कोटा रेफर किया।परिजन उन्हें निजी साधन से कोटा लेकर गए, जहां देर रात्रि चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बड़ी संख्या में समाजसेवी एवं समाजजन पहुंच गए।*दो मासूमों के सिर से उठा पिता का साया*मृतक समाजसेवी *हरकचंद जैन मोहिवाल बर्तन भंडार के पुत्र व पत्नी* हैं। मृतक मनीष मोहिवाल की दो पुत्रियां हैं, बड़ी पुत्री 13 वर्ष व छोटी 8 वर्ष की है, जिनके सिर से अब पिता का साया उठ गया है। इस हृदय विदारक घटना से परिजन गहरे सदमे में हैं। खबर मिलते ही सिंगोली नगर सहित संपूर्ण जैन समाज में शोक की लहर छा गई।खबर लिखे जाने तक यह दुर्घटना कैसे हुई वह स्वयं बाइक से गीरे या किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आये मालूम नहीं हुआ है*आज निकलेगी अंतिम यात्रा*दोनों की *अंतिम यात्रा आज दिनांक 29 अगस्त को उनके निज निवास वार्ड नं. 13 से निकाली जाएगी एवं दाह संस्कार सिंगोली मोक्षधाम पर किया जाएगा।*
