रतनगढ़ घाट में बड़ा हादसा टला: चलती बस के टायर के सारे बोल्ट निकले, 70 यात्रियों की जान बाल-बाल बची।
कोटा डिपो की घोर लापरवाही, 300 किमी दौड़ने वाली बस की नहीं हुई तकनीकी जांच।
रतनगढ़, सिंगोली।* राजस्थान रोडवेज की लापरवाही से शनिवार को 70 से अधिक यात्रियों की जान पर बन आई। कोटा से बांसवाड़ा जा रही रोडवेज बस *(नं. RJ 02 PA 8775)* के पिछले टायर के सभी बोल्ट घाट सेक्शन में निकल गए। बस एक टायर के सहारे रतनगढ़ बस स्टैंड तक पहुंची। गनीमत रही कि घाट उतरते समय टायर अलग नहीं हुआ, वरना बस 500 फीट गहरी खाई में जा गिरती।
*प्रत्यक्षदर्शी रिपोर्ट:* जानकारी के अनुसार बस कोटा से बांसवाड़ा तक करीब 300 किलोमीटर का सफर तय करती है। शनिवार को रतनगढ़ घाट उतरते समय बस के पिछले हिस्से से अजीब आवाज आई। चालक-परिचालक ने ध्यान नहीं दिया। रतनगढ़ बस स्टैंड के कॉर्नर पर एक सवारी के चिल्लाने पर बस रोकी गई तो देखा कि पिछले टायर के सभी बोल्ट गायब थे और टायर सिर्फ बॉडी पर टिका हुआ था। साथ वाला टायर भी पूरी तरह घिसा हुआ और पंचर मिला।
यात्रियों के मुताबिक अगर यह स्थिति घाट के शुरुआती मोड़ पर बनती तो बड़ा हादसा तय था।

*प्रबंधन ने मानी लापरवाही:* इस संबंध में कोटा डिपो प्रबंधक अजय मीणा से दूरभाष पर वार्ता की गई। उन्होंने तकनीकी जांच में लापरवाही स्वीकार करते हुए दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बसों के रखरखाव की दैनिक जांच को अनिवार्य किया जाए और लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में यात्रियों की जान से खिलवाड़ न हो।
