सिंगोली तहसील के कोज्या के पास खरनाई में आदिवासियों का हल्ला-बोल, 7 घंटे तक बंद रहा ACME सोलर प्लांट।
सिंगोली/रावतभाटा।* सिंगोली तहसील के कोज्या गांव के करीब स्थित खरनाई में शुक्रवार को आदिवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। राजस्थान-MP बॉर्डर पर बसे इस गांव में चंबल डूब क्षेत्र से विस्थापित होकर रह रहे 500 से ज्यादा आदिवासियों ने ACME कंपनी के सोलर प्रोजेक्ट के मेन गेट पर ताला ठोक दिया। सुबह से शुरू हुआ महा-पड़ाव शाम 4 बजे तक चला।
तेज बारिश के बावजूद महिलाएं, बुजुर्ग और युवा गेट के सामने डटे रहे और प्रशासन व कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब 7 घंटे तक साइट पर सारा काम पूरी तरह ठप रहा।
*दोहरे विस्थापन का दर्द*
ग्रामीणों ने कहा कि उनका एकमात्र सहारा खेती है। एक ग्रामीण ने बताया, “चंबल बांध के डूब में पहले ही हमारा मूल गांव उजड़ गया था। बड़ी मुश्किल से कोज्या-खरनाई बेल्ट में बसकर खेती से जीवन यापन कर रहे थे, अब ये कंपनी वही जमीन छीन रही है। हम फिर से बेघर नहीं होंगे।”
*लिखित आश्वासन पर टूटा गतिरोध*
हंगामे की सूचना पर चित्तौड़गढ़ से भाजपा जिला मंत्री कालूराम मीणा और नायब तहसीलदार अनिल धाकड़ पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के तीखे तेवर देख कंपनी हेड देवेश शर्मा को मौके पर ही लिखित में आश्वासन देना पड़ा। सहमति पत्र मिलने के बाद ही ग्रामीणों ने गेट का ताला खोला।
कालूराम मीणा ने कहा – आदिवासी हितों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा, कंपनी को अपने लिखित वादे हर हाल में पूरे करने होंगे।
